क्या आप भारतेंदु युग के किसी या उनकी काव्यगत शैली के बारे में विस्तार से जानना चाहेंगे?
इस काल में संस्कृत, अंग्रेजी और बांग्ला के प्रसिद्ध ग्रंथों का हिंदी में बड़े स्तर पर अनुवाद हुआ, जिससे हिंदी साहित्य समृद्ध हुआ।
पावस पचासा, सुकवि सतसई, हो हो होरी मन की लहर
प्रेम पुष्पावली, मन की लहर, हठी हम्मीर
(निबंधकार) साहित्य सुमन, भट्ट निबंधावली मन की लहर
भारत दुर्दशा, अंधेर नगरी, प्रेम मालिका, वैदिकी हिंसा हिंसा न भवति
रचनाकार प्रमुख रचनाएँ भारतेंदु हरिश्चंद्र मन की लहर
भारतेंदु युग वह सेतु है जिसने हिंदी साहित्य को मध्यकाल की श्रृंगारिकता से निकालकर आधुनिक काल की वास्तविकता और राष्ट्रीयता से मिलाया। इसी युग में हिंदी पत्रकारिता और नाटक जैसी विधाओं का वास्तविक विकास हुआ।